अयोध्या : राम मंदिर बनने का काम हुआ और भी तेज, अब दिन के साथ साथ रात में भी काम करने की योजना।

अयोध्या : राम मंदिर बनने का काम हुआ और भी तेज, अब दिन के साथ साथ रात में भी काम करने की योजना।

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जंहा कोरोना की वजह से मानव जीवन पूरा तबाह सा हो गया है , तो वही आस्था कोरोना पर भारी पडती हुई नजर आ रही है। दरअसल अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए चल रहे नींव भराई के कार्य के अंतर्गत नींव की दूसरी लेयर डालने का कार्य पूरा कर लिया गया है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नींव भराई का काम तेज करने का निर्णय लिया है।जिसकी वजह से अब दिन के साथ-साथ रात में भी काम किए जाने की योजना बन रही है इन सब के अलावा रामजन्मभूमि परिसर में एक और मिक्सिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी है, ताकि काम की गति बढ़ सके। काम में तेजी लाने व कोरोना के चलते मजदूरों की अनुपलब्धता के चलते ज्यादातर काम मशीनों के जरिए किया जा रहा है।

बालाजी कंस्ट्रक्शन को सौपी गयी जिम्मेदारी।

इसके लिए बालाजी कंस्ट्रक्शन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बीच रामजन्मभूमि परिसर में एक और मिक्सिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि काम तेज किया जा सके। जून के अंत से बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा इसको देखते हुए लेयर बिछाने का काम अतिशीघ्र पूरा करने की तैयारी है। निर्णय है कि दिन के साथ-साथ अब रात में भी काम किया जाएगा।

जून माह से शुरू होगी राममंदिर कार्यशाला।

निर्माण में चार लाख घन फुट पत्थर लगेंगे। अभी तक महज 60 हजार घन फुट पत्थर ही तराशे गए हैं। पहले से तराशे गए 15 प्रतिशत पत्थर अनुपयोगी हो गए हैं। राममंदिर की नींव का काम पूरा होते ही मंदिर का स्ट्रक्चर तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। जिसके चलते अयोध्या की कार्यशाला पुनः शुरू करने की तैयारी है। उम्मीद है कि जून म से यह प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती है।450 गुणे 250 के लगभग 40 फिट गड्ढे में 250 मिमी की कुल 44 लेयर बिछाई जानी है। प्रति लेयर की मोटाई तीन सौ एमएम होगी। ढलाई के बाद वायब्रोरोलर चलाकर मैटेरियल को सेट किया जाता है। इसके लिए दो वायब्रो रोलर परिसर में आ चुके हैं।
इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक मैटेरियल सीमेंट, सिलिका, फ्लाई एश, स्टोन डस्ट व गिट्टी इत्यादि को मिक्स करने के लिए परिसर में ही मिक्सिंग प्लांट की स्थापना की गई है। अब एक और प्लांट लगाने की तैयारी है। इस तरह परिसर में कुल चार मिक्सिंग प्लांट हो जाएंगें। प्रत्येक प्लांट के मिक्सरों में ढाई-ढाई सौ बोरी सीमेंट के साथ मॅटेरियल को मिक्स किया जा सकता है।

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